कोरोना पॉजिटिव निकलने के चंद घंटों बाद संक्रमित महिला ने दहशत में लगा ली फांसी

<p>कोरोना पॉजिटिव निकलने के चंद घंटों बाद संक्रमित महिला ने दहशत में लगा ली फांसी</p>

ग्वालियर में एक महिला की जान कोरोना वायरस ने नहीं, बल्कि दहशत ने ले ली। महिला शनिवार को कोरोना पॉजिटिव आई थी। शाम को कुछ लोग आकर घर के बाहर कोविड पोस्टर लगा गए। इसके बाद आसपास के लोग उनके घर से दूरी बनाने लगे। यह व्यवहार से महिला दहशत में आ गई। उसे लगा कि उसने पूरे परिवार की जान संकट में डाल दी है। दहशत और तनाव में आकर उसने रात में फांसी लगा ली।

घटना का पता रविवार तड़के 4 बजे पता लगा जब परिजन की नींद खुली। महिला को जिस कमरे में आइसोलेट किया था, उसका शव उसी कमरे के दरवाजे से लटका मिला। कोविड पेशेंट की मौत के बाद पुलिस ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत बॉडी को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है।

चंदननगर ठाकुर मोहल्ला निवासी पार्वती देवी पत्नी संतराम पाल (51) को 3-4 दिन से बुखार आ रहा था। पार्वती के पति संतराम सिंधिया बॉयज स्कूल में कर्मचारी हैं। बड़े बेटे सुमेर सिंह पाल ने पार्वती का कोविड टेस्ट कराया था। शनिवार शाम को उनके कोरोना संक्रमित होने का पता लगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कॉल किया और उनको घर में ही आइसोलेशन के साथ एक रूम में अलग रहने की सलाह दी।

एक टीम आकर उनके दरवाजे पर कोविड गाइडलाइन का पोस्टर चस्पा कर गई। पोस्टर लगने के बाद पूरे मोहल्ला में पार्वती के संक्रमित होने का पता लग गया। लोगों ने दूरियां बना ली। दीवार पर कोविड पोस्टर से महिला डिप्रेशन में आ गई। शनिवार रात को पार्वती अकेली थी। पति संतराम जयविलास पैलेस में ड्यूटी पर थे। बेटे और बहू अपने-अपने कमरे में थे। देर रात महिला ने साड़ी का फंदा बनाकर दरवाजे की चौखट पर कसा और फांसी लगा ली। रविवार सुबह 4 बजे जब बेटे सुमेर की नींद खुली तो उसने मां को फांसी पर लटकी हुई थीं।

कोरोना वायरस ने नहीं डर ने ले ली जान
इस मामले में अभी तक की जांच में सामने आया कि कोरोना पॉजिटिव होने की बात सुनने के बाद ही महिला तनाव में आ गई थी। रही सही कसर दरवाजे पर कोविड का पोस्टर और बैरिकेड्स ने कर दी। इससे उनको लगा कि वह ठीक नहीं हो पाएगी। उसने पूरे परिवार की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। इसी बीच उनको एक कमरे में अलग थलग कर आइसोलेट करने और भी डर बैठा दिया। जिसके बाद डिप्रेशन में आकर महिला ने यह कदम उठा लिया।