प्रेम कहानी का अंतः ग्वालियर में 45 के प्रेमी और 35 की प्रेमिका ने दी जान, जमाने ने मिलने नहीं दिया तो दोनों ट्रेन के सामने कूद गए

<p><strong>प्रेम कहानी का अंतः</strong> ग्वालियर में 45 के प्रेमी और 35 की प्रेमिका ने दी जान, जमाने ने मिलने नहीं दिया तो दोनों ट्रेन के सामने कूद गए</p>

ग्वालियर में एक प्रेम कहानी का दुःखद अंत हो गया। एक प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। दोनों की सिर कटी लाशें पुलिस को रेलवे लाइन पर पड़ी मिलीं। 45 वर्षीय प्रेमी अविवाहित है, लेकिन 35 साल की प्रेमिका शादीशुदा थी। युवक उसे शर्ट में बटन टांकने का काम देता था। शर्ट में बंटन टांकते-टांकते दोनों का इश्क परवान चढ़ा, लेकिन जमाने के विरोध के चलते उन्होंने मौत को गले लगाने का रास्ता चुन लिया। दोनों ने शुक्रवार रात ट्रेन के सामने आकर खुदकुशी कर ली। मृतक और मृतका मूलरूप से दतिया के हैं। यहां बहोड़ापुर के किशनबाग में भी अड़ोस-पड़ोस में मकान लेकर रह रहे थे।
शहर के मऊ रेलवे ब्रिज के नीचे शुक्रवार रात पुलिस को एक महिला और पुरूष के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। शवों को निगरानी में लेकर महाराजपुरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो पता लगा कि यह दोनों शव बहोड़ापुर के किशनबाग निवासी मिथलेश कुशवाह पत्नी आशाराम कुशवाह व पड़ोस में रहने वाले सोनू नामदेव के हैं। घटना का पता चलते ही पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या की है। फिलहाल मृतक युवक के परिजन नहीं आए हैं और मृतका के परिजन ने ही दोनों की शिनाख्त की है। मिथलेश और सोनू के बारे में पता लगा है कि दोनों दतिया के पास-पास के गांव के रहने वाले हैं। मिथलेश की कुछ वर्ष पहले अशाराम निवासी ग्वालियर से शादी हो गई थी। मिथलेश के एक बेटा व एक बेटी है, जबकि सोनू नामदेव ने शादी ही नहीं की थी। अभी कुछ साल पहले सोनू बहोड़ापुर के किशनबाग में मिथलेश के घर के पास ही रहने आ गया था। तभी उनका इश्क हुआ और प्यार परवान चढ़ा।

गांव से ही थी दोस्ती
दोनों की गांव से ही दोस्ती थी, लेकिन अभी कुछ समय से प्रेम प्रसंग हो गया था। ग्वालियर में सोनू शर्ट सिलने का काम करता था। शर्ट में काज और बटन का काम वह मिथलेश को देता था। इसी तरह शर्ट में बटन लगाते-लगाते दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो प्यार  में तब्दील हो गई। मिथलेश का पति पानी की टिक्की का ठेला लगाता है। पुलिस जांच में पता चला है कि सोनू नामदेव पंद्रह दिन से अपने कमरे का ताला लगाकर कहीं चला गया था और दो दिन पहले मिथलेश भी कपड़े सिलाई का पेमेंट लेने की कहकर महाराज बाड़ा गई थी। जब वह वापस नहीं आई, तो उसके लापता होने की जानकारी देने के लिए वह बहोड़ापुर थाने गए थे।