दस दिन से मंडी में कारोबार ठप, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, पल्लेदारों ने भी आना किया बंद

<p><span>दस दिन से मंडी में कारोबार ठप, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, पल्लेदारों ने भी आना किया बंद</span></p>

सात सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले मंडी कारोबारियों की हड़ताल लगातार दसवें दिन शुक्रवार को भी जारी रही। पिछले कई दिनों में इस हड़ताल की वजह से लक्ष्मीगंज एवं नारायण विहार स्थित मंडी में कारोबार ठप होने से सन्नाटा पसरा है, अब तो किसानों के साथ पल्लेदारों ने भी यहां आना बंद कर दिया है। स्थानीय मंडी कारोबारियों को उम्मीद थी, भोपाल से उनके लिए अच्छी खबर आएगी, लेकिन कारोबारियों के प्रतिनिधि मंडल की सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई, जिसकी वजह से मांगों पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। दूसरी ओर प्रदेश की अन्य मंडियों के साथ ग्वालियर के कारोबारी इस बार अपनी मांग पर अड़ गए हैं कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी। दूसरी ओर मंडी बोर्ड के पदाधिकारी मांगों को लेकर कह रहे हैं कि यह मांग भोपाल स्तर की है, इसलिए

किसानों ने फसल बेचने आना किया बंद
मंडी प्रबंधन से मिली सूचना के मुताबिक इन दिनों ऑफ सीजन होने के कारण कारोबार काफी कम चल रहा है और मंडी में हड़ताल से पहले केवल पुराना गेहूं एवं सरसों की आवक हो रही थी । मंडी में हर रोज 800 से 1000 बोरे का कारोबार चलता था जो कि अब पूरी तरह बंद है।

अनिश्चतकालीन हड़ताल पर बैठे व्यापारियों ने बताया कि उनकी मांग है कि मंडी के कर को डेढ़ रुपये प्रति सैकड़ा से घटाकर एक रुपये प्रति सैकड़ा किया जाए, निराश्रित शुल्क समाप्त किया जाए। इसके साथ ही लाइसेंस को बार-बार रिन्यू कराने की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए, लीज पर दी जाने वाली जगह का मासिक किराया समाप्त किया जाए, व्यापारियों के माल के स्टोरेज के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए एवं व्यापारियों व किसानों के लिए विश्राम गृह तैयार हो । लगातार दसवें दिन प्रदेशभर की सभी मंडियों के साथ ग्वालियर में भी हड़ताल जारी है, जबतक सातों मांगें पूरी नहीं होंगी, खरीदी नहीं की जाएगी।
रुपेश गोयल, अध्यक्ष श्री व्यापार मंडल, गंजमुरार