टेंपो - ऑटो रिक्शा चालक 6 को कलेक्ट्रेट घेरेंगे, ई-रिक्शा नहीं हटे, मांगे पूरी न होने पर धरना और चक्का जाम करेंगे।

<p><span>टेंपो - ऑटो रिक्शा चालक 6 को कलेक्ट्रेट घेरेंगे, ई-रिक्शा नहीं हटे, मांगे पूरी न होने पर धरना और चक्का जाम करेंगे।</span></p>

चालकों ने 20 जून को किया था फूलबाग पर चक्काजाम, मिला था आश्वासन
शहर में जिन रूटों पर टेंपो संचालित हो रहे हैं, उन पर ई- रिक्शा भी चल रहे हैं। ढाई मही बाद भी ई-रिक्शा के लिए न तो रूट बनाए गए, न ही चालकों की मांगों पर निर्णय लिए गए हैं। इसे लेकर भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले टेंपो, ऑटो रिक्शा, लोडिंग वाहन और स्कूल वैन चालकों ने आंदोलन छेड़ दिया है। इसकी शुरूआत 6 सितंबर को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन से होगी । चालकों ने मांगों को लेकर 20 जून को हड़ताल की थी, तब प्रशासनिक अधिकारियों ने मांगों को लेकर 15 दिन में निर्णय लेने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद चालकों ने हड़ताल स्थगित कर दी थी।

आंदोलन के पहले चरण में चालक कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर टेंपो, ऑटो, लोडिंग, स्कूल वैन चालक 15 से 17 सितंबर तक फूलबाग चौराहे पर भूख हड़ताल करेंगे, इसके बाद 18 सितंबर को हड़ताल पर चले जाएंगे, साथ ही फूलबाग चौराहे पर चक्काजाम भी किया जाएगा।

ई-रिक्शा बने परेशानी, हर दिन लगता है जाम
शहर में लगभग 10 हजार ई-रिक्शा हो गए हैं जो कि हर चौराहे से लेकर गली-मोहल्लों में चल रहे हैं। संख्या ज्यादा होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती है । बड़ी बात है कि परिवहन कार्यालय द्वारा इनके रूट तय नहीं किए गए हैं, यह हर उस रूट पर चल रहे हैं जिसपर टेंपो चल रहे हैं। इसके कारण टेंपो, ऑटो को सवारियां नहीं मिल रही हैं ।

ई-रिक्शा को मुख्य मार्गों से हटाने, चालक-परिचालक कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन कर बोर्ड का चेयरमैन श्रमिक प्रतिनिधि को बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर 20 जून को हड़ताल की थी, तब 15 दिन का आश्वासन मिला था, मगर मांगें पूरी नहीं हुईहैं, इसे लेकर आंदोलनशुरू किया जा रहा है।

भीमा चौहान, अध्यक्ष टेंपो-टैक्सी चालक संघ